राहुल
खटे,
उप
प्रबंधक (राजभाषा),
स्टेट
बैंक ऑफ मैसूर,
हुब्बल्ली
मोबाइल:
09483081656
एक
बार किसी व्यक्ति को
मैंने अपना ई-मेल
एड्रेस दिया, उसने
उसे गलती से हिंदी देवनागरी
में लिख दिया। बाद में मैंने
उसे अंग्रेजी के रोमन लिपि
में लिखकर सुधार दिया।
इस घटना के बाद मेरे मन में एक
विचार आया था, कि
कितना अच्छा होता कि हम
अपना र्इ-मेल
आयडी हमारे देश की भाषाओं
लिखते। इस घटना को हुए कुछ
वर्ष बितने के बाद भारत सरकार
के डीजिटल इंडिया मिशन के
अंतर्गत हिंदी में वेबसाईट
बनाना संभव होने की खब़र सुनी,
खब़र सुनकर
खुशी हुई। लेकिन दिनों तक
पता ही नहीं चला कि यह कैसे
संभव हैं। पिछले हप्ते श्री
प्रवीण जैन जी के ट्वीटर अकाउंट
उनका हिंदी में लिखा हुआ मेल
आय डी देखा । मेरी खोज़ शुरू
हो गई। हिंदी मेल आयडी के लिए
संबंधित एन्ड्रॉइड तुरंत
डाउनलोड किया,
जिसका नाम
''डाटामेल''
Datamail है। लिंक
https://play.google.com/store/apps/details?id=com.datainfosys.datamail इस
ऐप्लिकेशन के जरिए आप अपनी
मातृभाषा में मेल आयडी प्राप्त
कर सकते हैं। भारतीय भाषा
प्रेमियों के लिए यह किसी
सौगात से कम नहीं।
वर्तमान
में इसे व्हॉटस् एैप की तरह
केवल एन्ड्रॉइड मोबाइल में
प्रयोग करने के लिए बनाया
गया है, भविष्य
में इसे व्हॉटस् ऐप की तरह
कंम्यूटर और लैपटॉप के अनुकुल
बनाया गया जा सकता हैं। इसका
प्रयोग करने के लिए सबसे पहले
आपको अपने एन्ड्रॉइड ऐप पर
गूगल प्ले स्टोर में जाकर
''डाटामेल''
Datamail इन शब्दों
को टाइप करना हैं उसके बाद
आपको ''डाटामेल''
Datamail एन्ड्रॉइड
का पर्याय उपलब्ध होगा। यह
ऐप डाउनलोड करने बाद आपको अपना
मोबाइल नंबर देना हैं,
जिसपर आपको
सभी मेल प्राप्त होगे। डाटामेल
अंग्रेजी और अंग्रेजी के
अतिरिक्त अन्य भारतीय
भाषाओं जैसे कि हिंदी,
मराठी,
कन्नड,
तमिल,
तेलुगू,
मल्यालम,
पंजाबी,
बंगाली और
गुजराती, उूर्दू
में मेल लिखने/पढ़ने
वाले भारतियों के बीच के अंतर
को कम करने के लिए अत्यंत
उपयोगी ऐप है। डाटामेल उपयोगकर्ता
अपनी मनपंसद/मातृभाषा
में र्इमेल पता उपलब्ध कराता
है और उसी भाषा में आदान-प्रदान
किया जा सकता है। इस ऐप को
BharatSync Technologies(P) Ltd.
वेबसाईट: http://www.bharatsync.com/
इस कंपनी ने
विकसित किया है। इस ऐप में
भारतीय भाषाओं के युनिकोड
फॉन्ट का प्रयोग किया गया
है, जिससे
यह किसी भी एन्ड्रॉइड मोबाइल
में खुल सकें। यह कंपनी मोबाइल
प्लॅटफॉम्स,
प्रोग्रामिंग
प्लॅटफॉम्स, सीएमएस
और सीआरएम, युजर
इंटरफेस, डाटाबेसेस,
डेवलपमेंट
टूल्स, मिडल
वायर, डिजाईनिंग,
एप्लिकेशन
और वेब सर्वर इत्यादि
सुविधाऐं प्रदान करती हैं।
डाटामेल
एन्ड्रॉइड ऐप खासकर भारत के
पढे-लिखे
लोगों के साथ-साथ
ग्रामीण क्षेत्रों उन लोगों
के लिए भी उपयोगी हैं,
जिनके लिए
अंग्रेजी विदेशी भाषा विकास
में बाधा बनी हुई है। अधिकतर
ग्रामीण क्षेत्रों के लोग
मोबाइल आदि तकनीकी उपकरणों
का प्रयोग इस लिए नहीं करते
हैं क्योंकि उन्हें अंग्रेजी
नहीं आता लेकिन डीजीटल इंडिया
के अभियान के तहत कंप्यूटर
और मोबाइल की सुविधाऐं भारतीय
भाषाओं के माध्यम से पहुँचाने
के कार्य में सरकार कार्य कर
रही हैं।
उसी
प्रकार इसे भी कंप्यूटर के
अनुकुल बनाया जा सकता है। इससे
भारतीय भाषाओ के तकनीक और
कंप्यूटर के क्षेत्र में
विकास में गति प्राप्त
होगी। केवल अंग्रेजी की
अनिवार्यता के कारण मोबाइल
का प्रयोग न कर पाने वाले लोगों
के लिए एक किसी डीजीटल उपहार
से कम नहीं। भारत सरकार के
डीजीटल इंडिया के तहत की गई
इस पहल के बारे में समाज अधिकतर
लोगों को जानकार नहीं हैं।
जैसे हिंदी में हिंदी@डाटामेल.भारत,
मराठी में
मराठी@डाटामेल.भारत
इत्यादि। अपनी मनपसंद नाम
का ईमेल आयडी प्राप्त करने
की सुविधा पूर्णत:
मुफ्त है।
इस
सेवा में 8 भारतीय
भाषाओं के अलावा अंग्रेजी और
3 विदेशी
भाषाओं – अरबी, रूसी
और चीनी में ई-मेल
आईडी बनाने की सुविधा है। आने
वाले समय में डाटा एक्सचेंज
टैक्नोलॉजी की तरफ से 22
भाषाओं में
निशुल्क ई-मेल
सेवा उपलब्ध कराई जाएगी,
जिसे डाटामेल
के तहत संबंधित प्ले-स्टोर
के माध्यम से किसी भी एंड्रायड
या आईओएस प्रणाली से डाउनलोड
किया जा सकेगा।
भारतीय
भाषाओं में मेल आय-डी
और डोमेन नेम प्राप्त करने
की सुविधा http://www.bharat.in/
इस वेबसाईट
से प्राप्त की जा सकती हैं।
(वेबसाईट
पर जाने के लिए लिंक पर ctrl
की को दबाकर
क्लिक करें) अब
आप भी भारतीय भाषाओ में अपने
मनपंसद नाम का ईमेल आय डी के
साथ-साथ
अपनी भारतीय भाषा में वेबसाइट
पता प्राप्त कर सकते हैं।
आप मनपंसद डोमेन नेम.भारत
अब हिंदी के साथ-साथ
अन्य कई भारतीय भाषाओ में
प्राप्त कर सकते हैं। आप अपनी
मातृभाषा में भी अपनी मनपंसद
नाम की वेबसाइट बना सकते हैं
और उसे प्रकाशित कर सकते हैं।
उदाहरण आपको यदि अपने,
अपनी संस्था
के या अपने किसी भी उत्पाद
या विचार/आयडिया
के नाम से आसानी से एक वेबसाइट
बनानी हैं तो अपने मनपसंद नाम
से उसे प्राप्त कर सकते हैं।
इसके लिए आपको http://www.bharat.in/
इस वेबसाईट
पर अपनी वेबसाईट को रजिस्टर
करना होगा और उसके लिए
निर्धारित शुक्ल का भुगतान
करना होगा। .भारत
नाम से आप मात्र `24.15
में डोमेन ने
रजिस्टर कर सकते है। हिंदी
और अन्य भारतीय भाषा जैसे
कि मराठी, कन्नड,
तमिल,
तेलुगू,
मल्यालम,
पंजाबी,
बंगाली और
गुजराती में भी अपने मनपंसद
नाम से साथ .भारत
जोड़कर बना सकते हैं (यदि
अभी उपलब्ध है तो)।
अपने नाम के देवनागरी वर्णों
के आगे @डाटामेल.भारत
लिखकर अपना स्वदेशी नाम की
साईट बना सकते हैं।
इसके
अतिरिक्त आपको यदि कंप्यूटर
के लिए
देवनागरी और मातृभाषा में
लिखे वर्णों की मेल आयडी
प्राप्त करनी हो तो,
आप
http://buy.datainfosys.com/Product/Details?productId=NTbXSjR5YN8%3D
इस
लिंक पर जाकर अपनी मातृ भाषा
मे ईमेल आईडी प्राप्त कर सकते
है, जिस
पेकैज में आपको प्रति माह 5
GB अकांउट
स्पेस मिलेगा। जिसका मूल्य
शूल्क सहीत प्रति तिमाह
रू.115/- है।
आम
तौर पर हम लोग gmail.com,
yahoo.com, rediffmail.com, msn.com जैसे
डोमेन पर जाकर अग्रेजी में
अपनी ईमेल बनाते हैं। मोबाइल
पर भी इसी तरह की ईमेल का प्रयोग
करते हैं। भारत में यदि पूर्णतः
हिंदी देवनागरी में ईमेल हम
चाहते हैं तो यह मिल नहीं पाती
है। लेकिन .भारत
के आने से अब हिंदी में मुफ्त
ईमेल प्राप्त करने का अवसर
मिल गया है। यदि आप अपने नाम
की ईमेल प्राप्त करना चाहते
हैं तो यह एप्लीकेशन गूगल प्ले
स्टोर से डाउनलोड कर लें और
अपनी ईमेल हिंदी में बना लें।
अभी आरंभ ही हुआ है इसलिए आपको
अपने नाम की मुफ्त ईमेल मिल
जाएगी। आप इस माध्यम से
अमितमेड़तिया@डाटामेल.भारत
या राधाकृष्णशर्मा@डाटामेल.भारत
या रिछपालसिंह@डाटामेल.भारत
बना सकते हैं।
हिंदी
में मुफ्त ईमेल के लिए यहाँ
क्लिक करें (केवल
एन्ड्रॉइड मोबाइल के लिए)
Free
Hindi Email CLICK HERE
https://play.google.com/store/apps/details?id=com.datainfosys.datamail&hl=en
(only
for android Mobile)
जो
लोग मुफ्त डोमेन हिंदी में
जैसे अमितमेड़तिया.भारत
या राधाकृष्णशर्मा.भारत
या रिछपालसिंह.भारत
चाहते हैं तथा मुफ्त डोमेन
से अपनी साईट या ब्लॉग मुफ्त
में होस्ट करना चाहते हैं उनके
लिए साइट लिंक नीचे दी जा रही
है। उपरोक्त उदाहरण में .भारत
डोमेन दिए गए हैं यह .com
.org .in .co.in की
तरह ही हिंदी में बनाया गया
डोमेन एक्सटेंशन है।
FREE
HINDI DOMAIN REGISTRATION (Click on this line two
times for registration)
हिंदी
मुफ्त डोमेन .भारत
पंजीकृत कराएं (
पंजीकरण
के लिए इस लाईन पर दो
बार क्लिक
करें)
डोमेन
रजिस्टर करने के बाद मुफ्त
ब्लॉग गूगल पर बनाएं तथा उसे
अपने मुफ्त .भारत
डोमेन के साथ जोड़ने के लिए
इस प्रकार डीएनएस संपादन कर
दें।
इस
चित्र में 6 नंबर
की जो प्रविष्टि है वह हर ब्लॉग
की भिन्न होती है तथा उसे ब्लॉग
से ही देखकर करना है। राहुस
खटे हिंदी के लिए तकनीकी
वैज्ञानिक शोध करते हैं तथा
उन्होंने अपना ब्लॉग हिंदी
में तैयार कर लिया है इसे देखें
तथा उनसे संपर्क कर और भी टिप
प्राप्त कर सकते हैं।
हिंदी
ब्लॉग राहुल खटे (ब्लॉग/साईट
पर जाने के लिए इस लाईन पर दो
बार क्लिक
करें)
भारत
सरकार के डिजिटल इंडिया के
तहत यह प्रयास है की तकनीकी
विकास गति मिले और हम तकनीक
के द्वारा ज्यादा से ज्यादा
लोगों को इससे जोड सकें और
ज्यादा से ज्यादा भारतीयों
को यदि तकनीक का लाभ उनतक पहूँच
सकें। तकनीक के प्रयोग में
भाषा का एक महत्वपूर्ण योगदान
होता है, तकनीक
कितनी भी अच्छी क्यों न
हो वह यदिं आत जनता तक नहीं
पहुँच सकी और आम व्यक्ति
यदि उसका उपयोग नहीं कर सकता
तो वह अधूरी ही रहेगी। इन बातों
को ध्यान में रखकर .भारत
डोमेन नेम को लाया गया है,
ताकि इसका
लाभ जन-जन
तक पहुँचाया जा सकें।
वर्ड
वाइड वेब पर भारतीय भाषाओं
के कुल अकाउंट का केवल 0.1
प्रतिशत हैं।
दूसरी तरफ 89 प्रतिशत
आबादी ऐसी है जो गैर अंग्रेजी
भाषी है और जिसे इंटरनेट पर
ई-मेल
के जरिए अंग्रेजी में संवाद
करने में हर कदम पर बड़ी असुविधा
का सामना करना पड़ता है। इसीलिए
सरकार के डिजिटल इंडिया मिशन
और मेक इन इंडिया मिशन को आगे
बढ़ाते हुए डाटा एक्सजेन
टैक्नोलॉजीस प्राइवेट लिमिटेड
ने 'डाटामेल'
के नाम से पहली
निशुल्क भारतीय ई-मेल
सेवा की शुरुआत की है।
इस
सेवा में देशभर के लोगों को
8 भारतीय
क्षेत्रीय भाषाओं और अंग्रेजी
में ई-मेल
आईडी बनाने की सुविधा होगी।
इस तरह भारतीय नागरिकों को
अपनी क्षेत्रीय भाषा में ई-मेल
के जरिए संवाद कायम करने की
सुविधा मुहैया कराई जाएगी।
वैश्विक
इंटरनेट रिपोर्ट के अनुसार,
इंटरनेट पहुंच
के मामले में भारत दुनिया में
139 वें
स्थान पर है, जबकि
भाषाई विविधता के मामले में
हमारा देश अग्रिम देशों की
सूची में शामिल है। इंटरनेट
पहुंच के लिहाज से आइसलैंड
पहले स्थान पर,
संयुक्त अरब
अमीरात 12 वें,
संयुक्त राज्य
अमेरिका 18 वें
और जर्मनी 19 वें
स्थान पर हैं, जबकि
इन देशों में भाषाई विविधता
अपेक्षाकत बहुत कम है।
जहां
तक मोबाइल ब्रॉडबैंड वहन करने
की क्षमता का सवाल है,
भारत प्रति
व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद के
12.39 प्रतिशत
के साथ अभी 101 वें
स्थान पर है और आनेवाले समय
में सुधारों तथा दूरसंचार
उद्योग में प्रतिस्पर्धा के
साथ इसमें और अधिक वृद्धि की
उम्मीद है।
डाटामेल
जैसी सुविधा और भारतीय भाषाओं
डोमेन नेम की सुविधा से
निश्चित ही भारतीय भाषाओं
के कंप्यूटर और मोबाइल पर
प्रयोग का प्रमाण बढे़गा और
इससे देश की सूचना प्रौद्योगिकी
के विकास को भी गति मिलेगी।
अब
आप पहले समझ लें कि जो डोमेन
(इस
उदाहरण में पराशर.भारत)
आपने एक वर्ष
के लिए मुफ्त प्राप्त किया
है उसे मुफ्त में ब्लॉगर पर
होस्ट करने के लिए क्या करना
है। क्रम से समझते हैं।
1. जीमेल
के माध्यम से draft.blogger.com
पर अपना ब्लॉग
खोवें या नया बना लें।
2. उसकी
सैटिंग में जाकर देखें
3. वहाँ
पर ब्लॉगर का पता होगा जो आपने
ही दिया है।
4 यहाँ
पर Setup a 3rd party URL for your blog
दिया हुआ है
जिसके माध्यम से हम मुफ्त लिए
गए हिंदी डोमेन को देंगे।
5. इसके
लिए हमें अपने लिए गए डोमेन
के खाते में जाकर जांच करनी
है तथा कुछ नई प्रविष्टियां
करनी हैं।
6. हमने
A record को
ब्लॉगर द्वारा बताई गई आई पी
जो क्रमशः
1
216.239.32.21
2
216.239.34.21
3
216.239.36.21
4
216.239.38.21
की
नई प्रविष्टियां कर देनी हैं।
पहले
से मौजूद 1 नंबर
A record को
5
202.157.83.82 प्रविष्टि
में बदल देना है। यह हिंदी के
डोमेन प्रदाता का रिकार्ड है
जो 5 नंबर
के रूप में रहेगा। यदि आप सभी
न करना चाहें तो भी 1
कर दें इससे
भी काम चल सकता है हालांकि
निर्देश 4 के
हैं जिससे 4 विकल्प
अवरोध की स्थिति में रहते हैं।
7 इस
प्रकार हमने Cname की
प्रविष्टि भी कर दी तथा www
के साथ इसे
जोड़ दिया। पीले रंग की प्रविष्टि
के लिए हमें पुनः ब्लॉगर की
साइट पर जाना है तथा वहाँ से
यह प्रविष्टि ले कर आनी है।
Blogger
entry change के लिए
जब प्रयास करते हैं तो लाल रंग
का संदेश आता है तथा www
ghs.google.com के साथ
नीचे एक प्रविष्टि दिखाई देती
है जिसे पेस्ट कर डोमेन के
डीएनएस रेकार्ड में डालना
होता है। इसे ही पीले रंह में
ऊपर तथा नीचे दर्शाया गया है।
यह हर डोमेन के लिए भिन्न भिन्न
होती है।
8. जैसे
ही यह प्रविष्टियां पूरी हो
जाती हैं हिंदी का डोमेन ब्लॉगर
की पोस्टों को दिखाकर आपकी
साइट का काम करता है।
9. कृपया
देखें कि ब्लॉगर में www.
के आगे हिंदी
डोमेन नाम अंग्रेजी के वर्णों
से बनाया गया है। लेकिन जैसे
ही यह ब्राउजर पर चलाया जाता
है डोमेन नेम
हिंदी में दिखेगा:
इस
लिंक को कॉपी कर गूगल सर्च में
पेस्ट कर देख सकते हैं:
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